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दिल्ली में उपद्रवियों ने जवान अनीस का घर किया तबाह तो बीएसएफ डीआईजी ने उठाया बीड़ा ,नोखा का नाम रोशन किया।

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न्यूज: नई दिल्ली में गत 26 फरवरी की दोपहर एक हुजूम आया। कुछ ही पल में सबकुछ आग के हवाले कर गया। इसमें एक घर तक बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के कॉन्स्टेबल मोहम्मद अनीस का, जो इन दिनों ओडिशा के नक्सल प्रभावित जिले में तैनात है। मकान के बाहर बाकायदा अनीस का नेमप्लेट लगा है, जिसमें बीएसएफ भी लिखा है। लगता है हिंसा के जुनून में हुजूम के साथ आए उपद्रवियों की नजर अंग्रेजी में लिखे इस नामपट्ट पर नहीं गई। बहरहाल, जली हालत में पांच मकान, दो कार और एक ऑटो उपद्रव के सूरत-ए-हाल को बयां कर रहे हैं। बीएसएफ के डीआईजी पुष्पेन्द्रसिंह ने अपने जवान के परिजनों के लिए मदद के लिए पहुंचकर मिसाल पेश की है। ज्ञात रहे डीआईजी पुष्पेन्द्रसिंह का पैतृक गांव नोखा का रोड़ा गांव है।



राहत लेकर आए नोखा के रहने वाले डीआईजी पुष्पेन्द्रसिंह : बीएसएफ दिल्ली हेडक्वॉर्टर के डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ जब अनीस के घर पहुंचे। उनके पिता मुनीश (55) के राशन, फल समेत खाने-पीने की चीजें दी। डीआईजी ने कहा कि बीएसएफ वेलफेयर कमिटी की तरफ से अनीस के परिजनों को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। मकान की मरम्मत भी कराई जाएगी, जिसके मुआयने के लिए इंजीनियरिंग के लोग पहुंचे हुए थे। अनीस का ट्रांसफर अब दिल्ली में किया जाएगा, ताकि वह परिवार को उबारने में मदद दे सकें।

35 साल से रहते हैं यहां : पुष्पेन्द्रसिंह ने बताया कि जवान के घर पर हमले की सूचना पर बीएसएफ की टीम रात को 2 बजे खजूरी खास पहुंच गई थी, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था। पूछताछ के बाद टीम अनीस के पिता समेत पूरे परिवार को लेकर घर पहुंची। बीएफएस की तरफ से परिवार की सुरक्षा का ख्याल भी रखा जा रहा है। करीब 35 साल से अनीस की फैमिली खजूरी इलाके में रह रही है।

अप्रैल में होनी है शादी : अनीस के पिता मुनीस एफसीआई में काम करते हैं। परिवार बिहार के मुंगेर जिले का रहने वाला है। अनीस की अप्रैल में शादी होनी है। इसकी तैयारियों के लिए ही अनीस की मां और भाई चांद आलम सोमवार को ही गांव के निकले थे। इसके अगले दिन ही हादसा हो गया। मंगलवार सुबह 10:30 बजे उपद्रवियों ने हमला किया। इस समय मुनीस, उनके भाई मोहम्मद अहमद और दो भतीजे घर में थे। दोपहर को पैरामिलिट्री फोर्स ने पहुंचकर इनकी जान बचाई।

डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह चार पीढियां में 120 साल से लगातार वर्दी का भी है रिकाॅर्ड, लगे हुवे है देश सेवा में:-

बीएसएफ डीआईजी पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ के परिवार में चार पीढियों का 120 साल से लगातार वर्दी में रहने का रिकाॅर्ड है। उनके परदादा कर्नल राव बहादुर सर सादुल सिंह 25 साल तक लगातार ब्रिटिश पुलिस में रहे और फर्स्ट वर्ल्ड वार लड़ी। इंग्लैंड के वार मेमोरियल में भी उनका नाम रजिस्टर्ड है। उन्होंने राउंड टेवल काॅन्फ्रेंस अटेंड की और 1937 बीकानेर स्टेट के प्राइम मिनिस्टर बने। परदादा के वर्दी में रहने के दौरान ही 1934 में दादा जसवंत सिंह ने डीएसपी रैंक में स्टेट पुलिस ज्वाॅइन कर ली। दादाजी के रिटायर होने से पहले 1957 में पिता श्यामसुंदर सिंह ने राजस्थान आर्म्ड फोर्स ज्वाइन कर ली। 1965 में बीएसएफ की स्थापना हुई तो उन्हें बीएसएफ भेज दिया गया। 1988 में पिता के रिटायर होने से पहले 1987 में पुष्पेन्द्र सिंह ने बीएसएफ ज्वाॅइन कर ली। परदादा के पिताजी भी ब्रिटिश फौज में थे इस तरह उनके परिवार में चार पीढ़ियों के लगातार 120 साल से वर्दी में रहने का रिकाॅर्ड भी है।

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