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MS धोनी को पहला मौका देने वाले शख्स ने उनके संन्यास पर क्या कहा ?

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BBT Times , टीम इंडिया में एमएस धोनी की वापसी का इंतज़ार और भी लंबा हो गया है, क्योंकि लॉकडाउन हो गया है. ऐसी उम्मीद थी कि धोनी आईपीएल खेलेंगे और फिर वहीं से टीम में वापसी का उनका रास्ता साफ होगा. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से सब कुछ ठहर गया है. इस बीच किरण मोरे ने फिर कहा है कि धोनी उनकी खोज हैं और उन्हें एक मौका और मिलना चाहिए.



साथ ही किरण मोरे ने ये भी बताया कि जब धोनी ने टीम इंडिया के लिए करियर शुरू किया था. तो उनकी विकेटकीपिंग में भी कमियां थीं. लेकिन बाद में उन्होंने उसमें सुधार किया. किरन मोरे ने indiatoday.in से खास बातचीत में इन सब चीज़ों पर बात की है.

धोनी क्रिकेट इतिहास के बेस्टम-बेस्ट विकेटकीपर्स में से एक हैं. मार्क बाउचर और कुमार संगाकारा के बाद धोनी 829 शिकार के साथ तीसरे सबसे सफल विकेटकीपर हैं.

किरण ने आगे कहा,

”हमने उसमें टैलेंट को देखा. लेकिन अपनी कड़ी मेहनत की वजह से ही आज वो इतने कामयाब हैं. जब उन्होंने करियर शुरू किया, तो निश्चित तौर पर कुछ कमियां थीं. उनकी विकेटकीपिंग स्किल्स पर भी सवाल उठाए जाते थे. लेकिन उन्होंने अपने खेल पर कड़ी मेहनत की और हर मैच के साथ बेहतर होते चले गए.”

किरण कहते हैं,

”उन्हें पहले वनडे टीम में मौका मिला और फिर टेस्ट क्रिकेट में. टेस्ट क्रिकेट उनके लिए बहुत से चैलेंज लेकर आया. उन्होंने ये महसूस किया कि टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी, जिससे उनकी विकेटकीपिंग स्किल्स भी बेहतर हो गई. हम उन्हें ज्यादा मौके देना चाहते थे क्योंकि सिर्फ 3-4 मैच किसी भी खिलाड़ी को परखने के लिए काफी नहीं होते.”

मोरे ने आगे धोनी की कीपिंग पर कहा,

”एक बल्लेबाज़ की तरह ही विकेटकीपर को भी लगातार बेहतर होना होता है. आपको टीम के लिए बल्ले से बड़ा सहयोग देना होता है. इस तरह ही आपको विकेटकीपिंग के साथ भी मैच पर प्रभाव डालना पड़ता है. बेहतर होने के बाद वो हमेशा खेल से एक कदम आगे होते हैं. इस वजह से ही वो ज्यादा इफेक्टिव हैं. तेज़ गेंदबाज़ पर आगे खड़े होना या फिर स्पिनर के साथ मिलकर काम करना, वो जानते हैं कि दूसरा क्या सोच रहा है. वो इस बात को अच्छे से समझते हैं कि बल्लेबाज़ या गेंदबाज़ इस वक्त क्या सोच रहा है.”

किरण ने आगे कहा,

”वो अक्सर बिना मौके के भी मौके बनाते हैं. जब मैच में कुछ नहीं हो रहा होता है तो वो रन-आउट या स्टम्पिंग का मौका बनाने की कोशिश करते हैं.”

उन्होंने कहा कि उन्हें देखकर अच्छा लगता है कि उन्होंने शुरुआत में किसी खिलाड़ी को पहचाना और फिर वो टीम के लिए शानदार रहा. धोनी के टीम से बाहर रहने के सवाल पर मोरे ने कहा,

”वो पिछले कुछ समय से इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेले. सलेक्टर्स के लिए ये मुश्किल है कि उन पर कोई फैसला लें. लेकिन अब धोनी के खुद आगे आना चाहिए और बताना चाहिए कि वो क्या सोचते हैं. धोनी ने हमेशा जिम्मेदारी के साथ क्रिकेट खेला है, वो ये अच्छे से जानते हैं कि उन्हें कब अपने संन्यास पर फैसला लेना है. जब समय आएगा तो वो फैसला ले लेंगे.”

धोनी को आखिरी बार क्रिकेट के मैदान पर 2019 में विश्वकप सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ देखा गया था. जिसके बाद से वो क्रिकेट से दूर हैं.

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