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Daddy (पापा) मर गए, वर्ना एक और कपिल देव पैदा हो जाता !

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BBT Times , ये अंक बोलते ही क्या याद आता है. कबीर खान की फिल्म. उससे भी पहले. वो साल, वो दिन, 25 जून 1983 का जब इंडिया ने अपना पहला वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता. कप्तान कपिल देव हीरो बन गए.



आज हम आपको कपिल देव की हीरोगीरी के आखिरी चैप्टर को पढ़वाएंगे. जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट का रेकॉर्ड तोड़ा. न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर रिचर्ड हैडिली का रेकॉर्ड. और फिर न्यूजीलैंड जाकर क्रिकेट को बाय बाय किया. साल था 1994. महीना मार्च का. मगर कहानी फरवरी से शुरू होगी.

हैलो! रेकॉर्ड टेस्टिंग

श्रीलंका की टीम भारत टूर पर थी, सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच, अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में होना था. 8 फरवरी 1994 के रोज. श्रीलंका ने टॉस जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया. पहला विकेट 34 रन पर गिरा. क्रीज पर आए हसन तिलकरत्ने. उन्होंने तीन गेंदों पर पांच रन बना लिए. अब सामने थे कपिल देव. उन्होंने गेंद फेंकी. तिलकरत्ने ने फ्लिक करने की कोशिश की. मगर गेंद मैदान के बजाय हाथों में थी. शॉर्ट लेग पर खड़े संजय मांजरेकर के. पूरा स्टेडियन चीख उठा. एक मिनट तक सब सीटों पर खड़े होकर तालियां बजाते रहे.

On 8 February 1994, Kapil Dev became the world record holder for Test wickets in the 3rd Test v Sri Lanka at Ahmedabad, reaching 432 passing the record set by Richard Hadlee.

To mark this moment, 432 balloons were released into the sky followed by a minute’s standing ovation. pic.twitter.com/mCo0DjIEav

— Dan Redford (@danredford70) February 7, 2020

एक विकेट के लिए इतना हल्ला. दरअसल ये एक विकेट, एक के क्रम में 432वां विकेट था. वो विकेट था, जिसे लेने के बाद कपिल देव टेस्ट क्रिकेट में विकेटों के मामले में एक नंबर पर पहुंच गए थे. उन्होंने रिचर्ड हैडली का 431 का रेकॉर्ड तोड़ दिया था. सबको इस विकेट की उम्मीद थी. और तैयारी भी. उस दिन की बेल्स गिरीं तो अहमदाबाद में 432 गुब्बारे उड़ाए गए.

संधू नहीं बन पाए श्रीनाथ

गुजरात के अहमदाबाद से कपिल देव का पुराना नाता था. 1983 में इसी शहर में उन्होंने टेस्ट करियर का बेस्ट फिगर हासिल किया था. एक पारी में 83 रन देकर 9 विकेट. 10वां विकेट बलविंदर सिंह संधू को मिला था. संधू के पास वो मौका नहीं था. जो श्रीनाथ के पास दिल्ली में था. कुंबले के 10 विकेट हो जाएं, इसलिए वाइड गेंद फेंकते रहने का मौका. क्यों नहीं था. क्योंकि संधू ने जो विकेट लिया था. वो उस पारी का पहला विकेट था. ये पारी थी वेस्टइंडीज की. दूसरी पारी. विकेट था डेसमंड हेंस का. ये विकेट संधू का. बाकी 9 कपिल पाजी के.

इस रेकॉर्ड तोड़ फिगर के बाद दुनिया भर के पत्रकार उनके इंटरव्यू के लिए लालायित थे. इस दौरान का एक मजेदार किस्सा कपिल के टीममेट नवजोत सिंह सिद्धू ने सुनाया. याद रखिए. ये सिद्धू का डेब्यू टेस्ट मैच था. बकौल सिद्धू,

रेस्ट डे वाले दिन 250 से ज्यादा पत्रकार कपिल पाजी का इंटरव्यू करने को राजी थे. ज्यादातर इंग्लिश. मैंने उनसे कहा, पाजी, बाउंसर लगेंगे वहां अंग्रेजी के. मीनाक्षी शेषाद्री की हीरो रिलीज हुई है, वहां चलते हैं. बेटर ऑप्शन है.

इस पर कपिल देव बोले, चिंता न कर सरदार.

कपिल पहुंचे, साथ में सिद्धू.

और सवालों की बौछार शुरू. सबसे ज्यादा पूछा गया सवाल.

मिस्टर कपिल देव, व्हाई कान्ट ए कंट्री ऑफ वन बिलियन पीपल प्रॉड्यूस एनदर कपिल देव.

अर्थात. 1 अरब लोगों का देश. और सिर्फ एक कपिल देव जैसा तेज गेंदबाज.

कपिल जवाब देने के लिए खड़े हुए. बोले.

लेडीज एंड जेंटलमैन.

सिद्धू ने टोका, पाजी यहां तो कोई लेडीज नहीं.

कपिल बोले, चुप कर जा सरदार.

फिर कपिल बोले,

यू सी, माई मम्मी इज 62 ईयर्स ओल्ड. माई पापा इज डेड. दैट इज व्हाई, यू कान्ट प्रॉड्यूस एनदर कपिल देव.

अब कपिल सिद्धू की तरफ मुडे़ और कहा, कोई और सवाल. सब ठहाके मारने लगे.

ये तो हुआ सिद्धू के डेब्यू और कपिल के वर्ल्ड रेकॉर्ड वाला मैच. आखिरी में याद करेंगे. कपिल का आखिरी टेस्ट मैच. जिसमें एक और शानदार खिलाड़ी का डेब्यू हुआ.

अलविदा क्रिकेट

कपिल देव की विकेट लेने की रफ्तार कम हो चुकी थी. आलोचक कहते, रेकॉर्ड की खातिर कपिल को ढोया जा रहा है. जबकि नए बॉलर्स मौजूद हैं और बेहतर हैं. इन सबके बीच कपिल ने ऐलान कर दिया. न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाले हैमिल्टन टेस्ट के बाद संन्यास ले लूंगा. क्या खासियत थी मार्च के आखिरी सप्ताह में हुए इस टेस्ट की.

1. इस मैच में न्यूजीलैंड की तरफ से पांचवे नंबर पर खेलने आया 20 साल का लड़का. बाएं हाथ का बल्लेबाज. पहला टेस्ट. नाम- स्टीफन फ्लेमिंग. जो न्यूज़ीलैंड का सबसे सफल कप्तान बना. फ्लेमिंग ने डेब्यू टेस्ट में कुल 92 रन बनाए और मैन ऑफ द मैच रहे. रिटायर हो चुके फ्लेमिंग आजकल IPL टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के कोच हैं.

2. भारत की टीम में सचिन तेंडुलकर थे. फ्लेमिंग से कुछ हफ्ते छोटे तेंडुलकर का यह 32वां टेस्ट था. पहली पारी में उन्होंने 47 बॉल्स पर 43 रन बनाए. इसके साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 2000 रन भी पूरे कर लिए. बाद में उन्होंने अपना करियर 200 टेस्ट और 15921 रनों के साथ खत्म किया.

कपिल कपिल ने मैच की दोनों पारियों में एक-एक विकेट लिया. उनका फाइनल फिगर रहा. 131 टेस्ट, 434 विकेट.

ये रेकॉर्ड छह बरस बाद वेस्टइंडीज के कर्टनी वॉल्श ने तोड़ा.

कहा जाता है कि फास्ट बॉलर जोड़ी में शिकार करते हैं.

कहा जाता है कि कपिल देव भारत के पहले फास्ट बॉलर थे.

कहा जाता है कि कपिल को जोड़ीदार मिलता, तो उनके विकेटों की संख्या और ज्यादा होती.

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